वयंग्य :- अब हैप्पी रहना अनिवार्य होगा


एल.एस. हरदेनिया



मशहूर रूसी लेखक मैक्सिम गोर्की ने एक कहानी लिखी थी। इस कहानी में वे बताते हैं कि कैसे अमरीका के पूंजीपतियों ने अपने देश को समाजवादी देश बना दिया। अमरीका के पूंजीपति मजदूरों के बीच समाजवादी विचारों के बढ़ते प्रभाव से चिंतित थे। इसलिए उन्होंने यह फैसला किया कि अमरीका को समाजवादी गणतंत्र बना दिया जाए। यह कैसे किया जाए इसके लिए एक योजना बनाई गई। इस योजना के अनुसार अमरीका के सभी प्रमुख अखबारों के संपादकों की एक बैठक बुलाई गई। इस बैठक में संपादकों को आदेश दिया गया कि अगले दिन के अखबार में इस बैनर हैडलाइन से छापा जाए कि अमरीका में समाजवादी क्रांति की विजय, अमरीका समाजवादी लोकतंत्र देश बना।

लगभग इसी तरह की घोषणा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने की है। उन्होंने फैसला किया है कि उनकी मंत्रिपरिषद में एक ऐसा मंत्री होगा जो प्रदेश के निवासियों को ” हैप्पी अर्थात प्रसन्न बनाएगा। इस मंत्रालय में मंत्री के अतिरिक्त हैप्पी  प्रमुख सचिव, हैप्पी  सचिव, हैप्पी उपसचिव, हैप्पी  निदेशक, हैप्पी उप निदेशक, हैप्पी सेक्शन आफिसर, हैप्पी चपरासी नियुक्त किए जाएंगे।

इस मंत्रालय का काम होगा प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए हैपी पहचान पत्र जारी करना। यह पहचान पत्र आधार कार्ड के समान होगा। जिसके पास यह हैप्पी  परिचय पत्र नहीं होगा उसे प्रदेश में रहने का अधिकार नहीं होगा। इस मंत्रालय में एक खुफिया तंत्र भी बनाया जाएगा। इस तंत्र का काम होगा ऐसे लोगों को चिन्हित करना जो अपने आपको हैप्पी नहीं मानते। जो भी नागरिक स्वयं को हैप्पी नहीं मानेगा उसे दंडित किया जाएगा। इस मंत्रालय की स्थापना के बाद प्रदेश में कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा। ऐसे युवक जो बेकार हैं को हमेशा हैप्पी रहना अनिवार्य कर दिया जाएगा। किसी बलात्कार पीडि़त महिलाओं या बच्चियों को भी हैप्पी रहना अनिवार्य होगा। भिखारियों, पन्नी बीनने वालों से शपथ पत्र पर यह लिखवा लिया जाएगा कि वे हैप्पी हैं। मंत्रालय एक ऐसे गीत को तैयार करवाएगा जो हर माह के प्रथम दिन वैसे ही गाया जाएगा जैसे वर्तमान में मंत्रालय में वंदे मातरम का गायन होता है।

इस बात की पूरी संभावना है कि जिस दिन इस मंत्रालय की स्थापना होगी उस दिन न प्रदेश, देश वरन पूरी दुनिया के अखबारों और चैनलों में बड़ी-बड़ी सुर्खियों से प्रकाशित व प्रसारित कराया जाएगा।

इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि मंडल भोपाल आयेंगें । इस अदभुत योजना के बारे में विस्तृत जानकारी लेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जैसे ही  इस मंत्रालय की स्थापना का पता लगेगा वे भोपाल आकर मुख्यमंत्री को बधाई देंगे। दिल्ली पहुंचकर वे संसद का विशेष सत्र आहूत करेंगे और यह प्रस्ताव पारित करेंगे कि ऐसा मंत्रालय सभी राज्यों में स्थापित किया जाए। कुछ दिनों बाद संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिनिधि मंडल भोपाल आकर इस मंत्रालय के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगा और इस संभावना पर विचार करेगा कि क्यों न ऐसा मंत्रालय विश्व के सभी देशों में स्थापित किया जाए।  


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