सामूहिक अनशन व् आम सभा


इरोम शर्मिला के संघर्ष के समर्थन में और  मणिपुर में सैन्यबल (विषेष अधिकार) अधिनियम 1958 के विरू़द्ध ,
 २ नवम्बर को सामूहिक अनशन व् आम सभा
स्थान - बोर्ड ऑफिस चौक, ऍम पी नगर , भोपाल 
समय - सुबह १० बजे से शाम ४ बजे तक 
साथियो, 
2 नवम्बर को मणिपुर में सैन्यबल (विशेष  अधिकार) अधिनियम 1958 के विरू़द्ध इरोम शर्मिला  अपने आमरण अनशन के दस वर्ष पूरे  कर लेंगी। इसमें संदेह नहीं कि ये वर्ष भारतीय लोकतन्त्र के लिए शर्म में डूबे हुए वर्ष हैं। जी हां! अब भी भारतीय प्रजातन्त्र के अनुसार सम्मानजनक जीवन की मांग करना आत्महत्या है ;भारतीय सरकार का उनके अनशन के प्रति यही रूख़ रहा है; और सैन्यबल  विशेष अधिकार  सुरक्षा के लिए आवश्यक   हक....वो हक जो पूर्वोत्तर के राज्यों में एन्काउण्टर, बलात्कार और हत्याओं को जायज ठहराता है।
क्या मणिपुर में महिलाओं द्वारा राज्य की हिंसक  ताकत के खिलाफ सैन्य मुख्यालय के समक्ष निःवस्त्र प्रदर्शन  लोकतान्त्रिक राज्य के प्रचारित गौरव को शर्मसार नहीं करता ? शायद नहीं! क्योंकि दूसरे राज्यों में भी ऐसे दमनकारी कानून बनाए जाने की कोशिश  जारी हैं।
हम सरकार की दमनकारी नीतियों के खि़लाफ इरोम शर्मिला व उनके साथियों के संघर्ष का समर्थन करते हैं। हम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वाले सैन्यबल (विषेष अधिकार) अधिनियम 1958 जैसे तमाम कानूनों को वापस लिए जाने की मांग करते हैं।   
हम आप  सभी साथियो से अपील करते है कि इस सामूहिक अनशन व् आम सभा मे शामिल होकर अपना समर्थन जाहिर करे. 
युवा संवाद , भोपाल 

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